अफवाह की ताकत

अफवाह की अपनी ताकत तो है लेकिन social media ने इस ताकत को और भी बढ़ा दिया है / ज़रा सी देर लगती है किसी भी अफवाह को फैलने में, और कभी कभी ऐसी भी अफवाह होती है कि उसके  तह तक जाने में, सच को टटोलने में  काफी समय  बीत जाता है /

आज  कल social media  पर बहुत से अफवाहों को रोज सुनते है और हम बेवजह परेशान हो उठते है / कभी कभी  झूठी अफवाहों की सच्चाई जानने के बाद पछतावा भी होता होती है / कभी कभी हमारे अच्छे रिश्ते बिगड़ने का कारण भी सिर्फ अफवाह होता होती है / इसी अफवाह की ताकत को चरितार्थ करता एक कहानी …

आप भी सुनिए …..

एक समय की बात है जंगल  में एक गधा एक बड़े से पेड़ के नीचे विश्राम कर रहा था, लेकिन वो कुछ परेशान था , इसलिए लेटे लेटे  उसके मन में बुरे बुरे ख्याल आ रहे थे / उसके मन में ऐसा भी  ख्याल आया कि अगर अभी अभी धरती फट गई तो हम तो यही  मर जाएंगे / ऐसे नेगेटिव ख्याल मन में आ  रहा  था  कि अचानक धडाम की आवाज़ आयी और  कुछ धुल भी उड़ी /

तो गधे ने सोचा कि सचमुच धरती फटने वाली है और  ऐसा सोच कर बेतहासा एक ओर भागने लगा और साथ ही साथ चिल्लाने लगा …भागो भागो, धरती फट रही है, भागो भागो मित्रों / जब दुसरे गधे ने उसे भागते हुए देखा तो पूछा  कि अरे क्या हुआ, तुम भाग क्यूँ रहे हो / तो गधे ने जबाब दिया तुम भी भागो.. धरती फट रही है / हम सभी धरती के अंदर समा जाएंगे, इसलिए जान बचा कर भागो /

फिर क्या था सभी गधे उस गधे के पीछे पीछे उसी दिशा में भागने लगे / और जोर जोर से चिल्लाने लगे… जान बचाना है तो भागो ..भागो / उन गधो के भगदड़ को देखकर बाकी सभी जानवर, बंदर,  सियार, घोडा, चीता भी किसी दुर्घटना की आशंका में उसी दिशा में भागने लगे / देखते देखते जंगल में भयंकर भगदड़ मच गई / जंगले के सारे जानवर जान  बचा कर भाग रहे थे /

जंगल का राजा शेर अपनी गुफा में आराम कर रहा था / उसे जब इस भगदड़ की आवाज़ कानों में सुनाई दी,  तो उसने सोचा कि ऐसा क्या बात हो गई है इस जंगल में,  जो सभी जानवर  बेतहासा एक ओर भागे जा रहे है /  वो गुस्से में गुफा से बाहर निकला और जोर से दहाड़ कर बोला,  क्या हो रहा है यह सब / कहाँ जा रहे हो तुम लोग ? राज़ा  के गुस्सा को देख कर कोई डर से नहीं बोल पा रहा था,  तभी एक बन्दर हिम्मत करके राज़ा के सामने आया और बोला… महाराज, धरती फट रही है आप भी भागिए और अपनी जान बचाइए /

बन्दर की बात सुनकर शेर को बड़ा गुस्सा आया,  वो गुस्से में बोला कि किसने  कहा तुम्हे  कि धरती फट रही है / सभी जानवर एक दुसरे का मुहँ देखने लग गए / तब बन्दर ने डरते हुए कहा कि मुझे तो चीते ने बताया था / फिर चिता से पूछा तो उसने सियार का नाम लिया / फिर सियार ने घोड़े का नाम लिया / इसी तरह अंत में पता चला कि इस बात की शुरुवात गधा ने किया था कि धरती फट रही है /

तब शेर ने उस गधे से पूछा कि तुझे किसने बोला कि धरती फट रही है,  तो  गधे ने कहा कि मैंने देखा, मैं ने  महसूस किया, एक जोरदार आवाज़ भी हुई / तो शेर ने कहा कि ठीक है तुम हमें लेकर चलो उस जगह पर, जहाँ तुम ने   धरती फटने को महसूस किया /

हालाँकि उस जगह में सभी जानवर को जाने में बहुत डर लग रहा था लेकिन जब राज़ा जी का आदेश था तो सभी जानवर एक झूंड में उनके साथ हो लिए / उस जगह पर पहुँच कर गधा ने बोला कि मैं तो यहीं विश्राम कर रहा था, और यही से धरती  फटना शुरू हुई थी /  शेर ने आस पास   के जगह का  मुयाना किया और  फिर शेर ने बोला कि अब मैं सब समझ गया कि यहाँ पर क्या हुआ है /

मुर्ख गधा यहाँ लेटा हुआ था और तेज़ हवा चल रही थी तो उपर नारियल के पेड़ से  एक नारियल टूट कर नीचे गिरा था और जिसकी वजह से आवाज़ भी हुई और धुल भी उडी / उसी की आवाज़ से धरती फटने का अनुमान लगा लिया इस गधे ने /

चलो मान लिया ये तो गधा है इसे तो दिमाग नहीं है, लेकिन आप लोग तो समझदार थे, आप लोग इसके कहने मात्र से विश्वास कैसे कर लिए/  आप लोग कैसे बिना सोचे समझे,  इसके कहने मात्र से एक दिशा में दौरे चले जा रहे थे आपलोग / सारी जानवरों को राजा जी कि बात समझ आई और अपनी गलती का एहसास हुआ /

वो तो जानवार थे पर हमलोग तो इंसान है,  सोचने समझने की शक्ति दी है भगवान ने, परन्तु कभी कभी हमलोग भी गधो की तरह हरकत कर जाते है / कोई अफवाह हमारे सामने आई नहीं कि हम बिना सोचे सबझे,  जांचे परखे, उस अफवाह को  social media के द्वारा हमलोग उसे आगे फॉरवर्ड करते जाते है / उसकी सत्यता की जांच करने की कोशिश नहीं करते है /

अगर किसी का अहित करना हो तो उसके बारे में एक अफवाह फैला दी जाती है और  वो कभी कभी जान से भी हाथ धो बैठता है / धन के लालच की अफवाह होती है या आजकल बहुत सी scheme के बारे में भी झूठी अफवाह फैला दी जाती है,  यह जानते हुए कि यह सच नहीं हो सकता, अपने दिमाग की नहीं सुन पाते है और झूठी अफवाह में अपनी नुक्सान कर बैठते है /

एक message आता है कि आपकी लाटरी आई है तो आप लालच में आकर  अपना secret Pin  बता देते है  और  देखते ही देखते आपका अकाउंट खाली हो जाता है / झूठे अफवाह से बचना चाहिए और बिना  सच्चाई जाने उस पर विश्वास नहीं करना चाहिए / आज के दौड़ में यह बहुत ज़रूरी है कि किसी बात को दुसरे तक पहुँचाने से पहले उसकी सच्चाई का पता लगा ली जाए / क्योंकि हम गधे नहीं इंसान है / 

BE HAPPY… BE ACTIVE … BE FOCUSED ….. BE ALIVE,,

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Published by vermavkv

I am Vijay Kumar Verma, residing in Kolkata, the city of joy. I was a Banker since December 1985 and retired in April 2017 from State Bank of India. After serving the Bank for 32 years as an officer holding different assignments from time to time, now I am currently enjoying the retired life. I would like to fulfil the duty of social service through this platform spreading aware about the health related problems and their remedies. I will also try to entertain my followers through knowledgeable information and motivate them to enjoy better and quality lifestyle. It is my endeavour to keep the post friendly and as informative as I can. I am willing to connect with my friends and followers, through my stories and drawings out of my passion to write and make sketches. I would like to create a trusted and joyful friend circle, and share tales from the past

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