# गंगा तेरा पानी अमृत #

कल सुबह जब मैं कल्याणी से लोकल ट्रेन से कोलकाता जा रहा था | मौसम बड़ा सुहाना था हल्की हल्की  ठंडक वातावरण में थी,| ट्रेन अपनी द्रूत  गति से चल रही थी और  खिड़की के झरोखे से ठण्ड हवा का झोका मस्त किए जा रहा था |

तभी  ट्रेन  अचानक ही सिग्नल  ना होने के कारण  बीच में ही रुक गई और मैं अनायास ही ट्रेन की  खिड़की से बाहर देखने को मजबूर हो गया |

मन में ख़ुशी का आभास हो रहा था  क्योकि चारो तरफ खेतों में सरसों के फुल की पीली  चादर बहुत ही मनोरम दृश्य दिखा रही थी |

और  पास ही एक तालाब  में बच्चे पानी से अठखेलियाँ कर रहे थे | वे बच्चे अपने दोस्तों के बीच तालाब  में नहाते हुए, मस्ती कर रहे थे और बचपन को परिभाषित कर रहे थे | उनलोगों को इस तरह खेलता देख, हमारी अपनी बचपन की याद आ गयी |,

वो भी क्या बचपन के दिन थे जब हम दोस्तों के साथ गंगा नदी में डुबकी  लगाने जाया करते थे,  घर गंगा नदी के पास होने के कारण प्रायः  ही गंगा जी में स्नान करने को  जाना होता था |

हमारे सभी दोस्त तैरना जानते थे सिर्फ मुझे छोड़ कर | एक बार की बात है कि मैं गंगा जी में तैरना सीख रहा था तभी मेरे पैर फिसल गए थे और मैं सुब्ने से बच गया था |

उसके बाद , मैं डर के कारण कभी भी तैरने की कोशिश नही की,  हालाँकि दोस्तों ने बहुत कोशिश की थी कि मैं तैरना सीख जाऊ ||

फिर भी गंगा जी में पानी में उतर कर दोस्तों की मदद से खूब नहाता ज़रूर था | उस बचपन के आनंद की अनुभूति आज भी मन को पुलकित कर जाती है |

एक बार मुझे छठ पूजा में घर जाने का मौका मिला था, क्योंकि घर पर छठ पूजा हो रही थी | पूजा का प्रसाद हेतु गंगा जी से गंगा  जल लाना था , चूँकि गंगा नदी घर के पास थी तो कुछ पुराने मित्रों के  साथ पीतल का गागर लेकर चल पड़े  गंगा जल लाने |

हालाँकि  सभी पुराने साथी बूढ़े हो चले थे, लेकिन जैसे ही  हमलोग गंगा किनारे पहुँचे  ,पुरानी बचपन की याद ताज़ा हो गई और गंगा जी में डुबकी लगाने से अपने को रोक नहीं सके |

बस , एक दुसरे को देखा और गंगा जी में कूद पड़े और वैसे ही मस्ती करने लगे जैसे बचपन में किया करते थे |

वो मस्ती का आलम फिर अपने यादो में कैद हो गई, हालाँकि  अभी बचपन तो नहीं था लेकिन बचपना ज़रूर थी  …

.अचानक ट्रेन की whistle हमारी यादों की तंद्रा को भंग  कर दिया और  हम यादों की महफ़िल से हकीकत के  धरातल पर आ गए | और हम फिर से अपनी मंजिल की ओर बढ़ चले …  

BE HAPPY… BE ACTIVE … BE FOCUSED ….. BE ALIVE,,

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Categories: मेरे संस्मरण

1 reply

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    Little things mean a lot,
    Have a week filled with little miracles…
    HAPPY MONDAY

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