मैं सपने बेचता हूँ

आज कल हर आदमी हताश परेशान भागता फिरता नज़र आता है, सभी अशांति में जी रहे है शायद / क्यूंकि हर आदमी ने एक सपना पाल रखा है ,जिसको हासिल करने  के लिए  रात दिन कोशिश कर रहा है , यह सही है कि हर सपना कुछ-न कुछ कहता है। सपनो के पीछे भागता इंसान इसी आशा और विश्वास में जीता है कि एक दिन सपना ज़रूर पूरा होगा / उन्ही सपनो को उजागर करता , मेरी एक कल्पना..

मैं सपने बेचता हूँ 

हाँ साहब.. मैं सपने बेचता हूँ 

हर किस्म के सपने है हमारे  पास, 

आपको  चाहिए क्या  ख़ास….

बूढ़े को जवान करता है 

मुसीबत का कत्लेयाम  करता है 

यह  आपकी  उम्र  बढ़ाएगा 

बुढ़ापे से बचपन में ले जायेगा…

“नरक” की  दुनिया में  “जन्नत” दिखायेगा 

गर्मी  में  भी  ठंडी  का  एहसास  कराएगा 

मैंने आपके लिए ही सतरंगी सपने  रख छोड़े  हैं ,एक  

इसमें खुशियां है ,प्यार है, और उम्मीदें है, अनेक  

सपने  ना हो अगर .. तो ज़िन्दगी अधूरी है 

सपने खरीदना …,इसलिए ज़रूरी है 

आपके  भले लिए ही सोचता हूँ 

इसलिए … मैं सपने बेचता हूँ ….

जी हाँ ..मैं सपने बेचता हूँ …

BE HAPPY… BE ACTIVE … BE FOCUSSED ….. BE ALIVE,,

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5 thoughts on “मैं सपने बेचता हूँ

  1. बहुत अच्छी कविता है हर इंसान एक सपना देखता और उसे पुरा करने के लिए पुरी जिंदगी लगा देता है ।

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    1. धन्यवाद् हौसलाफजाई के लिए / कृपया मेरा सभी articles पढ़े और अपनी राय से अवगत कराएँ, ताकि और improvement की जा सके /

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